कुरुक्षेत्र में धूमधाम से मनाई गई लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में समाज के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और लोकमाता के जीवन एवं कार्यों को याद किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों से परिचित कराना था। वक्ताओं ने कहा कि अहिल्याबाई केवल एक शासक नहीं थीं बल्कि वे न्याय, सेवा और धर्मनिष्ठा की प्रतिमूर्ति थीं।
उन्होंने अपने शासनकाल में अनेक मंदिरों, धर्मशालाओं, घाटों और सार्वजनिक संस्थानों का निर्माण कराया। उनके द्वारा किए गए जनकल्याणकारी कार्य आज भी उन्हें भारत की महानतम शासकों में स्थान दिलाते हैं।
समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने समाज के युवाओं से आह्वान किया कि वे इतिहास के महान व्यक्तित्वों से प्रेरणा लें और शिक्षा, सेवा तथा नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ें।
अहिल्याबाई होलकर का जीवन यह सिखाता है कि सत्ता का उद्देश्य केवल शासन करना नहीं बल्कि जनता की सेवा करना भी है। उनका आदर्श नेतृत्व आज भी प्रासंगिक है।
गड़रिया टाइम्स मानता है कि ऐसे आयोजनों से समाज की सांस्कृतिक चेतना मजबूत होती है और युवाओं को अपनी गौरवशाली विरासत पर गर्व करने का अवसर मिलता है।
